खोजे गए परिणाम
सहेजे गए शब्द
"इस्तिख़फ़ाफ़" शब्द से संबंधित परिणाम
हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में इस्तिख़फ़ाफ़ के अर्थदेखिए
इस्तिख़फ़ाफ़ के हिंदी अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- लज्जा, शर्म, संकोच, नदामत, तिरस्कार, तहक़ीर
English meaning of istiKHfaaf
Noun, Masculine
- disdain, scorn, contempt
اِسْتِخْفاف کے اردو معانی
- Roman
- Urdu
اسم، مذکر
- توہین، تذلیل، تحقیر، سبک سمجھنا یا کرنا
Urdu meaning of istiKHfaaf
- Roman
- Urdu
- tauhiin, tazliil, tahqiir, sabak samajhnaa ya karnaa
खोजे गए शब्द से संबंधित
तू ने की राम-जनी, मैं ने किया राम-जना
दुश्चरित्र स्त्री दुश्चरित्र पति से कहती है तू बुरा काम करता है तो में भी करती हूँ
जो कोसत बैरी मरे और मन चितवे धन होय, जल माँ घी निकसन लागे तो रूखा खाए न कोय
अगर कोसने से शत्रु मर जाए, इच्छा से धन प्राप्त हो और पानी से घी निकले तो कोई रूखी न खाए
मो को न तो को, ले भाड़ में झोको
ना ख़ुद अपने काम में যब लाएंगेगे ना तुम्हें काम में लाने देंगे चाहे ज़ाए हो जाये तो हो जाये
न रहे मानी न रहे मनी आख़िर दुनिया फ़ना-फ़नी
मनुष्य का अहंकार ही रहता है और न घमंड ही रहता है, एक दिन सब नष्ट हो जाते हैं
आँखों में शर्म न हो तो ढेले अच्छे
ढीट होने से अच्छा है कि अंधा हो (अश्लीलता को दोष देने के स्थान पर प्रयुक्त)
आते जाते में न फँसी तो क्यूँ फँसारे कव्वे
जहाँ को बुद्धिमान व्यक्ति किसी मामले में फँस जाए और साधारण बच जाए तो कहते है
बारह गाँव का चौधरी अस्सी गाँव का राव, अपने काम न आवे तो ऐसी तैसी में जाव
आदमी चाहे कितना ही धनवान हो परंतु यदि किसी के काम न आए तो किसी कीम का नहीं
मुल्ला न होगा तो मस्जिद में अज़ान न होगी
किसी ख़ास आदमी के न होने से उस से संबंधित काम रुका नहीं रहता
आठ गाँव का चौधरी और बारह गाँव का राव, अपने काम न आए तो ऐसी तैसी में जाओ
कोई कैसा ही धनवान अथवा धनी हो जब अपना काम उस से ना निकले तो ऐसे धन-धान्य से क्या लाभ, जिस से कोई लाभ ना हो उस का होना ना होना बराबर है
मैं न समझूँ तो भला क्या कोई समझाए मुझे
ज़िद्दी आदमी के मुताल्लिक़ कहते हैं, आदमी ख़ुद ना समझना चाहे तो कोई नहीं समझा सकता
न मैं कहूँ तेरी, न तू कह मेरी
जो व्यक्ति दूसरे को दोष नहीं देता तो दूसरा भी उसे दोष नहीं देता, आपस की गोपनीयता के संबंध में बोलते हैं
कोई मुझ को न मारे तो मैं सारे जहान को मारूँ
कायर या भीरु अथवा झगड़ालू व्यक्ति के लिए व्यंगात्मक तौर पर कहते हैं
मुल्ला न होगा तो क्या मस्जिद में अज़ाँ न होगी
किसी ख़ास आदमी के न होने से उस से संबंधित काम रुका नहीं रहता
करा और कर न जाना, मैं होती तो कर दिखाती
काम पूरा किया परंतु शिष्टता या सभ्यता से नहीं किया, हमारी राय या सुझाव मानते तो यह हानि न होती
मुल्ला न होगा तो क्या मस्जिद में अज़ान न होगी
किसी ख़ास आदमी के न होने से उस से संबंधित काम रुका नहीं रहता
आईना तो मुयस्सर न हुआ होगा चपनी में मूत के देख
अगर कोई कुरूप व्यक्ति किसी चंचल स्त्री से मज़ाक़ करे तो वो कहती है
होना न होना ख़ुदा के हाथ में, मार मार तो किए जाओ
अपनी तरफ़ से कोशिश होनी चाहिए परिणाम ईश्वर पर छोड़ना चाहिए
किया पर कर न जाना, मैं होती तो कर दिखाती
काम पूरा किया परंतु शिष्टता या सभ्यता से नहीं किया, हमारी राय या सुझाव मानते तो यह हानि न होती
किया और कर न जाना, मैं होती तो कर दिखाती
काम पूरा किया परंतु शिष्टता या सभ्यता से नहीं किया, हमारी राय या सुझाव मानते तो यह हानि न होती
तो को न मो को ले चूल्हे में झोंको
जब कोई चीज़ अपने या किसी और के काम की न रहे तो बोलते हैं, चीज़ को ऐसा बर्बाद करना जो किसी काम की न रहे
मेले में जो जाए तू नावां कर में टाँक, चोर जुवारी गठ-कटे डाल सकें न आँख
मेले में जाए तो रुपया-पैसा ऐसी जगह रखे जहाँ किसी की नज़र न पड़ सके
ये तो सिक्षा साध की निहचे चित में ला, भेद न अपने जियो का औरों को बतला
अपना भेद किसी से नहीं कहना चाहिये
तिरया तुझ से जो कहे मोल न तू वो मान, तिरया मत पर जो चलें वो नर हैं निर्ज्ञान
स्त्री के कहने पर नहीं चलना चाहिए जो उन के कहने पर चले वो मूर्ख है
रूई के धोके में कहीं कपास न निगल जाना
आसानी के धोखे में कहीं मुश्किल में न पड़ जाना, हर काम सोच-समझ कर करना चाहिए, प्रकट से धोखा नहीं खाना चाहिए
मैं अब कहीं का न रहा
मैं अब किसी की तरफ़ नहीं रहा, मैं अब किसी लायक़ नहीं रहा, अब मैं किसी को मुँह नहीं दिखा सकता
बीस पचीस के अंदर में जो पूत सपूत हुआ सो हुआ, मात पिता मुकनारन को जो गया न गया सो कहीं न गया
बीस पचीस वर्ष की आयु तक लड़का अच्छा बन सकता है
बीस पचीस के अंदर में जो पूत सपूत हुआ सो हुआ, मात पिता कल्तारन को जो गया न गया सो कहीं न गया
बीस पचीस वर्ष की आयु तक लड़का अच्छा बन सकता है
झूटी तो होती नहीं कभी भी साँची बात, जैसे टहनी ढाक में लगे न चौथा पात
झूठ कभी सच नहीं हो सकता जैसे ढाक में चौथा पत्ता नहीं हो सकता
माँ की सोत न बाप की यारी, किसी नाते की तू मन्हारी
(ओ) कोई ख़्वाहमख़्वाह का रिश्ता जताए तो कहती हैं कि तरह हम से कोई ताल्लुक़ नहीं है
झूटी तो होती नहीं कभी भी साँची बात, जैसे टहनी ढाक माँ लगे न चौथा पात
झूठ कभी सच नहीं हो सकता जैसे ढाक में चौथा पत्ता नहीं हो सकता
ये बातें मत कीजियो कधे न तू ऐ यार, जिन बातों में रूस जा साईं और संसार
ऐसी बातें नहीं करनी चाहियें जिस में ईश्वर और संसार दोनों अप्रसन्न हों
आठ गाँव का चौधरी और बारह गाँव का राव, अपने काम न आव तो ऐसी तैसी में जाव
चाहे कैसा हो अमीर हो, ओगर अपने कान न आया गो उसका होना न होना बराबर है
जब तू न्याय की गद्दी पर बैठे तो अपने मन से तरफ़-दारी लालच और क्रोध को दूर कर
शासक को पक्षपात लालच और क्रोध नहीं करना चाहिए
मानो तो देवता न मानो तो पत्थर
एतिक़ाद ही से किसी की इज़्ज़त-ओ-हुर्मत की जाती है, अगर एतिक़ाद नहीं तो कुछ भी नहीं
मानो तो देवी न मानो तो पत्थर
एतिक़ाद ही से किसी की इज़्ज़त-ओ-हुर्मत की जाती है, अगर एतिक़ाद नहीं तो कुछ भी नहीं
बड़े आदमी ने दाल खाई तो कहा सादा-मिज़ाज है ग़रीब ने दाल खाई तो कहा कंगाल है
ایک ہی کام میں ایک کے لیے بدنامی دوسرے کے لیے نیکنامی ہوتی ہے
भेड़िया खाए तो न खाए तो मुँह लाल
डायन के मुँह से ख़ून तो लगा ही रहता है अथवा उसके चेहरे से भयानकता तो टपकती ही रहती है
मानो तो ईशर न मानो तो पत्थर
एतिक़ाद ही से किसी की इज़्ज़त-ओ-हुर्मत की जाती है, अगर एतिक़ाद नहीं तो कुछ भी नहीं
खाए तो पछताए, न खाए तो पछताए
ऐसी वस्तु जो वास्तव में अच्छी न हो, पर उसे अच्छी समझकर सब पाने के लिए लालायित भी हों
खाए तो पछताए, न खाए तो पछताए
ऐसी वस्तु जो वास्तव में अच्छी न हो, पर उसे अच्छी समझकर सब पाने के लिए लालायित भी हों
खाए तो पछताए, न खाए तो पछताए
ऐसी वस्तु जो वास्तव में अच्छी न हो, पर उसे अच्छी समझकर सब पाने के लिए लालायित भी हों
संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
asaasa
असासा
.اَثاثَہ
goods
[ Chor ghar ka sara asasa chura kar le gaye ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
tanhaa.ii
तन्हाई
.تَنْہائی
separation
[ Raat ki tanhayi mein jab duniya neend ka lutf uthati Yaqub ka dil bete ki yaad mein tadapta ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
zuhra
ज़ुहरा
.زُہْرَہ
the planet Venus
[ Ham ba-zariya-e-durbin ke Zohra ko dekhte hain ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
hamdard
हमदर्द
.ہَمدَرد
sympathiser
[ Urdu idaron ko hamdard logon ki bahut zarurat hai ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
zaabita
ज़ाबिता
.ضابِطَہ
custom, control, discipline
[ Zindagi mein sukoon-o-chain ke liye zaroori hai ki koi zabita ho ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
haazma
हाज़मा
.ہاضمَہ
digestion
[ Pani ragon mein tamam haazma ki raah ho kar guzarta hai ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
rihaa.ii
रिहाई
.رِہائی
deliverance, escape, freedom release, discharge
[ Wazir sachcha hai ab qaid-khane se rihayi pavega ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
aa.inda
आइंदा
.آئِنْدَہ
future, futurity
[ aainda ki fikr aaj fuzool hai ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
tohfa
तोहफ़ा
.تُحْفَہ
a gratuitous gift, present
[ Wazir-e-aazam ke zuaq-o-shauq (great pleasure) sirf kuchh tohfe tahaaef lene ke liye bahut the ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
kohna
कोहना
.کُہْنَہ
old, ancient, obsolete
[ Kohna rasmein ab bhi hamare khaandaan mein bahut ahmiyat rakhti hain ]

Today's Vocabulary
Learn 10 Urdu words daily on Mobile App
"10 words down, endless possibilities ahead! 🚀📖"
Tune in tomorrow for the next 'Word of the Day' and elevate your language game!
"Unlock a world of Urdu words at your fingertips!"
नवीनतम ब्लॉग
सुझाव दीजिए (इस्तिख़फ़ाफ़)
इस्तिख़फ़ाफ़
चित्र अपलोड कीजिएअधिक जानिए
नाम
ई-मेल
प्रदर्शित नाम
चित्र संलग्न कीजिए
सूचनाएँ और जानकारी प्राप्त करने के लिए सदस्यता लें
Delete 44 saved words?
क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा