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"प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो" शब्द से संबंधित परिणाम

ब-जा

ठीक, उचित, मुनासिब, उपयुक्त, वाज़िब, दरुस्त

ब-जाँ

हृदय से, प्रसन्नतापूर्वक, जान से

ब-जान

दिल से, ख़ुशी से

ब-जाए

जगह या स्थान पर अथवा बदले में, जगह या स्थान पर, बदले में, किसी की जगह पर, किसी के बदले

ब-जाँ-आमदा

जान से तंग आया हुआ।

ब-जान-ओ-दिल

हृदय और प्राण से अर्थात् पूरी तरह से, पूर्णरूपेण ।

ब-जान होना

बहुत तकलीफ़ में होना, ख़तरे में होना, जान से तंग होना

ब-जान-ए-वा'इज़

by life of the preacher

बंजारी

बंजारिन

बंजारी-कुत्ता

رک : بنجارا نمبر ۳۔

बंजारे का चूल्हा

makeshift gear

ब-ज़ात-ए-ख़ुद

अपने-आप, ख़ुद ही, स्वयं से

ब-ज़ाहिर

देखने में, वास्तव में, प्रत्यक्ष स्पष्ट रूप से, बाह्यतः, बाह्य रूप से

बंजारा

व्यापारी, सौदागर, वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है, वह व्यक्ति जो बैलों आदि पर अन्न लादकर दूसरे गाँव बेचने के लिए जाता है, टाँडा लादने वाला व्यक्ति, टॅडवरिया

बंजारा

बनजारा, अन्न का सौदागर, चावल का व्यापारी, व्यापारी, व्यावसाई

बंजारे की सी आग छोड़ जाना

बेपरवाही और असावधानी बरतना, जिस से फ़ायदा उठाया हो उसी से दूरी बना लेना, अपने मददगार को मुसीबत में छोड़ जाना

बंजारन

बंजारा समाज की स्त्री, बंजारे की बीवी

ब-ज़ात

स्वयं से, स्वयं के स्वभाव में

बंजारा तारा

प्रभातकाल का तारा जिसके निकलते ही बंजारे अपने सफ़र पर निकल जाते हैं

जा-ब-जा

जगह-जगह पर, हर जगह, हर स्थान और हर अवसर पर

नौबत ब-ईं जा ब-ईं जा रसीद

यहां तक नौबत पहुंची, मंज़िल यहां तक आगई, बात यहां तक पहुंची, ये वक़्त आगया , ये मरहला आगया

ब-हर-जा

हर जगह, हर स्थान पर, | जिस जगह, जहाँ।

नौबत ब-ईं जा ब-ईं रसीद

यहां तक नौबत पहुंची, मंज़िल यहां तक आगई, बात यहां तक पहुंची, ये वक़्त आगया , ये मरहला आगया

नौबत ब-ईँ-जा रसीद

यहाँ तक नौबत पहुँची, मंज़िल यहाँ तक आ गई, बात यहाँ तक पहुँची, ये वक़्त आ गया

नौबत ब-ईं जा रसीद

रुक : नौबत बाएं जा रसीद

आप का सर ब-जा-ए-क़ुरआन

सर को (सारे अंगों से ऊँचा होने के कारण) पवित्र क़ुरआन से उपमा दे कर क़सम खाने की एक शैली, पर्यायवाची: आप के सर की क़सम, अर्थात् पवित्र क़ुरान की क़सम

जाँ-ब-हक़ तस्लीम होना

die (an expression used for saints and Sufi masters)

नौबत-ब-जाँ कारद बर उस्तख़्वाँ

जान पर बनी होना के स्थान पर प्रयुक्त, बहुत अधिक कष्ट में होने के अवसर पर कहते हैं

ब-चश्म-ओ-ब-जाँ

خوشی سے منظور .

आतिश-ब-जाँ

जिसके अंदर आग ही आग हो, अग्निगर्भ प्रेमी, आशिक़

शिकंजा-बंदी

سخت پابندی ، روایت کی پابندی.

जाँ-ब-लब

जिसके प्राण होठों तक आ गए हों, मरने के निकट, आसन्न मृत्यु, मरणासन्न, मरणोन्मुख, मृतप्राय

नौबत-ब-जाँ

जिसकी जान पर बनी हो, बड़ी मुसीबत में फँसा हुआ

जाँ-ब-हक़

प्राण ईश्वर के समर्पित, मृत

जा ज़रूर बंद होना

۔क़बज़ होना

जाँ-ब-लब आना

۔जां बह लब होना।

जाँ-ब-लब करना

मरने के क़रीब कर देना, प्राणांत होने की दशा

जाँ-ब-लब होना

to be at the point of death

जो बंदा-नवाज़ी करे जाँ उस पे फ़िदा है, बे-फ़ैज़ अगर यूसुफ़-ए-सानी है तो क्या है

जो व्यक्ति कृपा करे उस पर लोग जान न्योछावर करते हैं, अनुपकारी व्यक्ति किसी काम का नहीं होता

जाँ-ब-हक़ होना

मृत्यु हो जाना, स्वर्गवास हो जाना

जाँ-ब-लब कर देना

मरने के क़रीब कर देना, मृत्यु की हालत में कर देना

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो के अर्थदेखिए

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो

priit Dagar jab pag rakhaa honii hoy so ho, neh nagar kii riit hai tan man diino khoپِرِیت ڈَگَر جَب پَگ رَکّھا ہونی ہوئے سو ہو، نِیْہ نَگََر کی رِیت ہے تَن مَن دینو کھو

अथवा : प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो होय, नेह नगर की रीत है तन मन दोनों खोय

कहावत

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो के हिंदी अर्थ

  • प्रेम में भू-लोक एवं परलोक कहीं का होश नहीं रहता, मनुष्य बे-परवाह हो जाता है
  • जब प्रेम हो जाए तो फिर कठिनता से घबराना नहीं चाहिये

پِرِیت ڈَگَر جَب پَگ رَکّھا ہونی ہوئے سو ہو، نِیْہ نَگََر کی رِیت ہے تَن مَن دینو کھو کے اردو معانی

Roman

  • محبت میں دین و دنیا کا ہوش نہیں رہتا، انسان بے پروا ہو جاتا ہے
  • جب محبت ہوجائے تو پھر مشکلات سے گھبرانا نہیں چاہیے

Urdu meaning of priit Dagar jab pag rakhaa honii hoy so ho, neh nagar kii riit hai tan man diino kho

Roman

  • muhabbat me.n diin-o-duniyaa ka hosh nahii.n rahtaa, insaan beparva ho jaataa hai
  • jab muhabbat hojaa.e to phir mushkilaat se ghabraanaa nahii.n chaahi.e

खोजे गए शब्द से संबंधित

ब-जा

ठीक, उचित, मुनासिब, उपयुक्त, वाज़िब, दरुस्त

ब-जाँ

हृदय से, प्रसन्नतापूर्वक, जान से

ब-जान

दिल से, ख़ुशी से

ब-जाए

जगह या स्थान पर अथवा बदले में, जगह या स्थान पर, बदले में, किसी की जगह पर, किसी के बदले

ब-जाँ-आमदा

जान से तंग आया हुआ।

ब-जान-ओ-दिल

हृदय और प्राण से अर्थात् पूरी तरह से, पूर्णरूपेण ।

ब-जान होना

बहुत तकलीफ़ में होना, ख़तरे में होना, जान से तंग होना

ब-जान-ए-वा'इज़

by life of the preacher

बंजारी

बंजारिन

बंजारी-कुत्ता

رک : بنجارا نمبر ۳۔

बंजारे का चूल्हा

makeshift gear

ब-ज़ात-ए-ख़ुद

अपने-आप, ख़ुद ही, स्वयं से

ब-ज़ाहिर

देखने में, वास्तव में, प्रत्यक्ष स्पष्ट रूप से, बाह्यतः, बाह्य रूप से

बंजारा

व्यापारी, सौदागर, वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है, वह व्यक्ति जो बैलों आदि पर अन्न लादकर दूसरे गाँव बेचने के लिए जाता है, टाँडा लादने वाला व्यक्ति, टॅडवरिया

बंजारा

बनजारा, अन्न का सौदागर, चावल का व्यापारी, व्यापारी, व्यावसाई

बंजारे की सी आग छोड़ जाना

बेपरवाही और असावधानी बरतना, जिस से फ़ायदा उठाया हो उसी से दूरी बना लेना, अपने मददगार को मुसीबत में छोड़ जाना

बंजारन

बंजारा समाज की स्त्री, बंजारे की बीवी

ब-ज़ात

स्वयं से, स्वयं के स्वभाव में

बंजारा तारा

प्रभातकाल का तारा जिसके निकलते ही बंजारे अपने सफ़र पर निकल जाते हैं

जा-ब-जा

जगह-जगह पर, हर जगह, हर स्थान और हर अवसर पर

नौबत ब-ईं जा ब-ईं जा रसीद

यहां तक नौबत पहुंची, मंज़िल यहां तक आगई, बात यहां तक पहुंची, ये वक़्त आगया , ये मरहला आगया

ब-हर-जा

हर जगह, हर स्थान पर, | जिस जगह, जहाँ।

नौबत ब-ईं जा ब-ईं रसीद

यहां तक नौबत पहुंची, मंज़िल यहां तक आगई, बात यहां तक पहुंची, ये वक़्त आगया , ये मरहला आगया

नौबत ब-ईँ-जा रसीद

यहाँ तक नौबत पहुँची, मंज़िल यहाँ तक आ गई, बात यहाँ तक पहुँची, ये वक़्त आ गया

नौबत ब-ईं जा रसीद

रुक : नौबत बाएं जा रसीद

आप का सर ब-जा-ए-क़ुरआन

सर को (सारे अंगों से ऊँचा होने के कारण) पवित्र क़ुरआन से उपमा दे कर क़सम खाने की एक शैली, पर्यायवाची: आप के सर की क़सम, अर्थात् पवित्र क़ुरान की क़सम

जाँ-ब-हक़ तस्लीम होना

die (an expression used for saints and Sufi masters)

नौबत-ब-जाँ कारद बर उस्तख़्वाँ

जान पर बनी होना के स्थान पर प्रयुक्त, बहुत अधिक कष्ट में होने के अवसर पर कहते हैं

ब-चश्म-ओ-ब-जाँ

خوشی سے منظور .

आतिश-ब-जाँ

जिसके अंदर आग ही आग हो, अग्निगर्भ प्रेमी, आशिक़

शिकंजा-बंदी

سخت پابندی ، روایت کی پابندی.

जाँ-ब-लब

जिसके प्राण होठों तक आ गए हों, मरने के निकट, आसन्न मृत्यु, मरणासन्न, मरणोन्मुख, मृतप्राय

नौबत-ब-जाँ

जिसकी जान पर बनी हो, बड़ी मुसीबत में फँसा हुआ

जाँ-ब-हक़

प्राण ईश्वर के समर्पित, मृत

जा ज़रूर बंद होना

۔क़बज़ होना

जाँ-ब-लब आना

۔जां बह लब होना।

जाँ-ब-लब करना

मरने के क़रीब कर देना, प्राणांत होने की दशा

जाँ-ब-लब होना

to be at the point of death

जो बंदा-नवाज़ी करे जाँ उस पे फ़िदा है, बे-फ़ैज़ अगर यूसुफ़-ए-सानी है तो क्या है

जो व्यक्ति कृपा करे उस पर लोग जान न्योछावर करते हैं, अनुपकारी व्यक्ति किसी काम का नहीं होता

जाँ-ब-हक़ होना

मृत्यु हो जाना, स्वर्गवास हो जाना

जाँ-ब-लब कर देना

मरने के क़रीब कर देना, मृत्यु की हालत में कर देना

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

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