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कजरी

एक ज़नाना खेल जो बरसात के मौसम में शाम के वक़्त खेला जाता हैम, मिर्ज़ापुर के ख़ास विशेष प्रकार के गीत जो सामान्यतः बरसात में गाय जाते हैं, धान की एक प्रजाति जिसका रंग हलका काला होता है।

क़जरी

گھوڑے پر ڈالنے کا کپڑا یا جالی ، کارچوبی زین پوش ؛ چار جامعہ ؛ غاشیہ .

कजरा

बालक का जन्म होने पर छठी के दिन गाये जाने वाले एक प्रकार के गीत जिसमें प्रसवा को नजर लगने से बचाने के लिए उसकी ननद के द्वारा अथवा नवजात शिशु को नजर लगने से बचाने के लिए उसकी बुआ के द्वारा काजल लगाने का उल्लेख होता है

कजराई

काले या काजल के रंग के होने की अवस्था, गुण या भाव, काली, काजल वाली

काजारी

اصلی یا مخصوص شاہی انداز .

काजीरा

दे. 'काज़ीरः'

क़ज़ारा

अचानक, अनायास, सहसा, अकस्मात्

कंजरा

कंजर जाति का सदस्य

काज़ीरा

कुसुम का फूल।।

कुंजरा

हथिनी

कुज़्री

کظر (رک) سے منسوب.

कुंजारा

तेल निकलने के पश्चात् बीज का फोक, खल, खली।।

कज-अदा

जिसमें शील-संकोच न हो, जो बहुत ही खुर्रा हो, बेमुरव्वत, बेवफ़ा, मग़रूर, नाज़ नख़रे वाला, अशिष्ट

कज-रू

टेढ़ी चाल चलने वाला, गुमराह, भटका हुआ, पथ विचलित

कज-अदाई

बांकपन, शील संकोच की हीनता, खुर्रापन, दुश्मनी, बेमुरव्वती, बेवफा,

कुँजड़ा

तरकारी, फल आदि बोने या बेचने वाले लोगों की एक जाति, कुंजड़ा, (इस जाति के लोग प्रायः अब मुसलमान हो गए हैं)

कुंजड़े

کنجڑا (رک) کی جمع نیز مغیرہ حالت، تراکیب میں مستعمل.

कुंजड़ी

رک : کنجڑن.

काई-ज़दा

काई लगा हुआ, काईदार

कूँज्ड़ी

वह स्त्री जो शाक तरकारी इत्यादि बेचती हो

कुँजड़ा कुँजड़ी का साँग

नाटक या ड्रामा जिस में कुँजड़े और कुँजड़ी का चरित्र प्रस्तुत किया जाता है

पुल बाँधल जाए, बहू कजरी खेले

बहू खेले और सास बेचारी काम करे

कुंजड़े की अगाड़ी , क़साई की पछाड़ी

तरकारी अव्वल वक़्त और गोश्त आख़िर वक़्त अच्छा मिलता है

कुंज्ड़े का ग़ल्ला

a false account of expenses and incomes

कूँजड़ी अपने बेर खट्टे नहीं बताती

अपनी चीज़ को कोई बुरा नहीं कहता

चर्ख़-ए-कज-रौ

टेढ़ी चाल चलने वाला आसमान

गंजी कोंजड़ी और गोखरू का एंडवा

कोई अपनी हक़ीक़त और हैसियत से बढ़ कर काम करे तो कहते हैं

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में पुल बाँधल जाए, बहू कजरी खेले के अर्थदेखिए

पुल बाँधल जाए, बहू कजरी खेले

pul baa.ndhal jaa.e, bahuu kajrii kheleپُل باندھَل جائے، بَہُو کَجْری کھیلے

कहावत

पुल बाँधल जाए, बहू कजरी खेले के हिंदी अर्थ

  • बहू खेले और सास बेचारी काम करे
  • ऐसी बहू के लिए कहा गया है जिसे घर के काम-धंधे की फ़िक्र नहीं

    विशेष कजरी: श्रावण के महीने का एक त्योहार होता है।

پُل باندھَل جائے، بَہُو کَجْری کھیلے کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu
  • بہو کھیلے اور ساس بیچاری کام کرے
  • ایسی بہو کے لیے کہا گیا ہے جسے گھر کے کام کاج کی فکر نہیں

Urdu meaning of pul baa.ndhal jaa.e, bahuu kajrii khele

  • Roman
  • Urdu

  • bahuu khele aur saas bechaarii kaam kare
  • a.isii bahuu ke li.e kahaa gayaa hai jise ghar ke kaam kaaj kii fikr nahii.n

खोजे गए शब्द से संबंधित

कजरी

एक ज़नाना खेल जो बरसात के मौसम में शाम के वक़्त खेला जाता हैम, मिर्ज़ापुर के ख़ास विशेष प्रकार के गीत जो सामान्यतः बरसात में गाय जाते हैं, धान की एक प्रजाति जिसका रंग हलका काला होता है।

क़जरी

گھوڑے پر ڈالنے کا کپڑا یا جالی ، کارچوبی زین پوش ؛ چار جامعہ ؛ غاشیہ .

कजरा

बालक का जन्म होने पर छठी के दिन गाये जाने वाले एक प्रकार के गीत जिसमें प्रसवा को नजर लगने से बचाने के लिए उसकी ननद के द्वारा अथवा नवजात शिशु को नजर लगने से बचाने के लिए उसकी बुआ के द्वारा काजल लगाने का उल्लेख होता है

कजराई

काले या काजल के रंग के होने की अवस्था, गुण या भाव, काली, काजल वाली

काजारी

اصلی یا مخصوص شاہی انداز .

काजीरा

दे. 'काज़ीरः'

क़ज़ारा

अचानक, अनायास, सहसा, अकस्मात्

कंजरा

कंजर जाति का सदस्य

काज़ीरा

कुसुम का फूल।।

कुंजरा

हथिनी

कुज़्री

کظر (رک) سے منسوب.

कुंजारा

तेल निकलने के पश्चात् बीज का फोक, खल, खली।।

कज-अदा

जिसमें शील-संकोच न हो, जो बहुत ही खुर्रा हो, बेमुरव्वत, बेवफ़ा, मग़रूर, नाज़ नख़रे वाला, अशिष्ट

कज-रू

टेढ़ी चाल चलने वाला, गुमराह, भटका हुआ, पथ विचलित

कज-अदाई

बांकपन, शील संकोच की हीनता, खुर्रापन, दुश्मनी, बेमुरव्वती, बेवफा,

कुँजड़ा

तरकारी, फल आदि बोने या बेचने वाले लोगों की एक जाति, कुंजड़ा, (इस जाति के लोग प्रायः अब मुसलमान हो गए हैं)

कुंजड़े

کنجڑا (رک) کی جمع نیز مغیرہ حالت، تراکیب میں مستعمل.

कुंजड़ी

رک : کنجڑن.

काई-ज़दा

काई लगा हुआ, काईदार

कूँज्ड़ी

वह स्त्री जो शाक तरकारी इत्यादि बेचती हो

कुँजड़ा कुँजड़ी का साँग

नाटक या ड्रामा जिस में कुँजड़े और कुँजड़ी का चरित्र प्रस्तुत किया जाता है

पुल बाँधल जाए, बहू कजरी खेले

बहू खेले और सास बेचारी काम करे

कुंजड़े की अगाड़ी , क़साई की पछाड़ी

तरकारी अव्वल वक़्त और गोश्त आख़िर वक़्त अच्छा मिलता है

कुंज्ड़े का ग़ल्ला

a false account of expenses and incomes

कूँजड़ी अपने बेर खट्टे नहीं बताती

अपनी चीज़ को कोई बुरा नहीं कहता

चर्ख़-ए-कज-रौ

टेढ़ी चाल चलने वाला आसमान

गंजी कोंजड़ी और गोखरू का एंडवा

कोई अपनी हक़ीक़त और हैसियत से बढ़ कर काम करे तो कहते हैं

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