खोजे गए परिणाम

सहेजे गए शब्द

"ख़िरद-मंद" शब्द से संबंधित परिणाम

hay

काह

हियाँ

= यहाँ

हाई-काई

جاپانی شاعری کی ایک قدیم صنف (ہائیکو (رک) اسی نظم کا ابتدائی حصہ ہوا کرتی تھی) ۔

हय्या-हय्या

(لفظاً) جلدی کرو ؛ ایک ساتھ زور لگانے کے لیے ساتھیوں کو دعوت دینے کی آواز ؛ (عموماً) مزدور سامان اُٹھاتے وقت زور لگانے کے لیے مل کر بطور نعرہ لگاتے ہیں

भला कर भला होय, सौदा कर नफ़ा' होय

भलाई करने में सदैव लाभ होता है, यदि दुनिया में नहीं तो प्रलोक में

गोश्त खाए गोश्त बढ़े, घी खाए बल होय, साग खाए ओझ बढ़े बूता कहाँ से होय

मांस खाने से मांस बढ़ता है, घी खाने से बल बढ़ता है और साग खाने से पेट बढ़ता है परंतु बल नहीं होता

मास खाए मास बढ़े, घी खाए बल होय, साग खाए ओझ बढ़े बूता कहाँ से होय

मांस खाने से मांस बढ़ता है, घी खाने से बल बढ़ता है और साग खाने से पेट बढ़ता है परंतु बल नहीं होता

नदी किनारे रूखड़ा जब तब होय विनास

नदी किनारे का पेड़ एक दिन बह कर बनारस पहुँचेगा

नदी किनारे रूखड़ा जब तब होय बनारस

नदी किनारे का पेड़ एक दिन बह कर बनारस पहुँचेगा

बिपत बराबर सुख नहीं, जो थोड़े दिन होय

थोड़ी मुसीबत सुख-सम्पदा की क़दर का कारण हो जाती है

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो होय, नेह नगर की रीत है तन मन दोनों खोय

प्रेम में भू-लोक एवं परलोक कहीं का होश नहीं रहता, मनुष्य बे-परवाह हो जाता है

सदा दिवाली संत के जो घर गेहूँ होय

नेक आदमी हमेशा लोगों को खिलाता पिलाता है यदि हर समय ख़र्च के लिए उसके पास कुछ हो

देखा भाला तोपची और चमरा सय्यद होय

निम्न श्रेणी व्यक्ति जो अपने धन पर घमंड करता हो

देखा भाला तोपची और चपरा सय्यद होय

निम्न श्रेणी व्यक्ति जो अपने धन पर घमंड करता हो

कोयला होय न ऊजला, सज्जी साबुन लाय

झूठ कभी सत्य नहीं हो सकता चाहे कितना ही प्रयास किया जाए

चातुर नार नरकूढ़ से ब्याह होय पछताय, जैसे रोगी नीम को आँख मीच पी जाय

बुद्धिमान स्त्री मूर्ख से विवाह कर के पछताती है

चातुर नार नरकुढ़ से ब्याह होय पछताय, जैसे रोगी नीम को आँख मीच पी जाय

बुद्धिमान स्त्री मूर्ख से विवाह कर के पछताती है

साईं सांसा मेट दे और न मेटे कोय, वा को सांसा क्या रहा जा सर साईं होय

ईश्वर के अतिरिक्त कोई सांसा अर्थात परेशानी एवं दुख को दूर नहीं कर सकता परंतु जिसे ईश्वर पुण्य की राह दिखा दे

जो कोसत बैरी मरे और मन चितवे धन होय, जल माँ घी निकसन लागे तो रूखा खाए न कोय

अगर कोसने से शत्रु मर जाए, इच्छा से धन प्राप्त हो और पानी से घी निकले तो कोई रूखी न खाए

यूँ मत जाने बावरे कि पाप न पूछे कोय, साईं के दरबार में इक दिन लेखा होय

मूर्ख ये न समझ कि पाप को कोई नहीं पूछेगा ईश्वर के समक्ष एक दिन हिसाब देना होगा

तुलसी पैसा पास का सब से नीको होय, होते के सब कोय हैं, अन-होते की जोय

गाँठ का पैसा ही काम आता है

जिसको राखे साइयाँ मार न साके कोय, बाल न बेका कर सके सब जग बैरी होय

ख़ुदा की रक्षा सर्वोपर है

hoy

एक छोटी नाव

ऊँचो ऊँचो सब चलें नीचो चले न कोय, तुलसी नीचो वो चले जो गर्ब से ऊँचो होय

जिस में घमंड का अंश नहीं उसके अतिरिक्त कोई शांतिपूर्ण तरीक़े से नहीं रह सकता

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो

प्रेम में भू-लोक एवं परलोक कहीं का होश नहीं रहता, मनुष्य बे-परवाह हो जाता है

त्रिया चरित्र न जाने कोय, ख़सम मार के सती होय

स्त्री के धोखे और मक्कारी को कोई नहीं समझ सकता, पति की हत्या करके ख़ुद भी सती हो जाती है

ऊख से गंडेरी प्यारी गुड़ से प्यारा गाँडा, माँ बहन से जोरू प्यारी जिस से होय गुज़ारा

साधारण सी बात को कहावत के तौर पर बयान किया गया है अर्थात गन्ने से गंडेरी भली लगती है एवं गुड़ की तुलना में गन्ना अधिक अच्छा लगता है, माँ एवं बहन से अधिक पत्नी प्रिय होती है क्यूँकि उस से घर बसता है

साईं अपने चित्त की भूल न कहिये कोय, तब लग मन में राखिये जब लग कारज होय

अपने दिल का भेद भूल कर भी किसी को नहीं बताना चाहिये जब तक काम न हो जाए उसे दिल में रखना चाहिये

प्रीतम प्रीतम सब कहें प्रीतम जाने न कोय, एक बार जो प्रीतम मिलें सदा अनंदी होय

हर एक प्रेम करता है परंतु प्रेम की समझ किसी को नहीं

प्रीतम प्रीतम सब कहें प्रीतम जाने न कोय, एक बार जो प्रीतम मिले सदा आनंद फिर होय

हर एक प्रेम करता है परंतु प्रेम की समझ किसी को नहीं

पीत तो ऐसी कीजिये जूँ हिन्दू की जोय, जीते जी तो संग रहे मरे पे सती होय

प्रेम तो ऐसी होनी चाहिये जैसे हिंदू की पत्नी कि जीते जी साथ रहती है और मरने पर सती होती है

हाएँ

रोकने और टोकने के लिये प्रयोग होने वाला शब्द

हाय पड़ना

अभिशाप लगना, पीड़ा का प्रभाव होना

हय्य

زندہ، جیتا

हया-दोस्त

رک : حیادار.

माँ बेटों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़ा

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

माँ बेटों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़े

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

माँ बेटियों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़ा

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

जो भादों में बरखा होए, काल बछोहड़ जा कर रोए

यदि भादों में वर्षा हो तो सूखा अथवा अकाल नहीं पड़ता

हाइया-आवाज़ें

aspirated sounds, like

हाए-हव्वज़

छोटी ‘हे'

'ईद बक़र'ईद, शबरात कटनी, दरिया करे हाय-हाय फगवा बिसनी

मुस्लमानों पर व्यंग है कि ईद, बक़रईद एवं शब-बरात के अवसर रंडियां बुलाते हैं और मुहर्रम में मातम करते हैं

सुब्ह किधर हुई, शाम कहाँ गई

किसी बात का होश नहीं

हाएँ हाएँ कहना

रोकना, मना करना

हाएँ हाएँ करना

रोकने और बाज़ रखने के लिए शोर मचाना, डाँट-डपट करना; मना करना

हय्य-उल-क़ाइम वरसा

बचे हुए वारिस या उत्तराधिकारी

हाए-हाए पड़ना

दुख दर्द से बेताब होकर चीखने चिल्लाने लगना, तड़प उठना, तिलमिला जाना, अधिक अफसोस होना, अत्यघिक दुखी होना, दुख को याद करके पीड़ा से बेचैन होना

बुढ़िया दीवानी हुई, पराए बर्तन उठाने लगी

मूर्ख भी अपना ही लाभ चाहता है

hay fever

{उमरा ज़य्यात } तप काही

हय्या-'अलल-फ़लाह

आओ सफलता की ओर (अज़ान का वाक्य)

देखे भाले शैख़ जी और चपड़े सय्यद होएँ

समय अनुकूल हो तो तुच्छ श्रेष्ठ बन जाता है, ग़ल्ला चूँ अर्ज़ां शवद इमसाल सय्यद मी शवम

बाँह-हाए-'अय्यारी

(उन्नीसवीं शताब्दी के अंत और बीसवीं शताब्दी के आरंभ की दास्तानों में) वेश-भूषा बदलने की सामग्री

हय्य-उल-क़ाइम

healthy and hearty

जो भादों में बरखा होए, काल पंछोकर जा कर रोए

यदि भादों में वर्षा हो तो सूखा अथवा अकाल नहीं पड़ता

हाइय्या-आवाज़

آواز جس میں ’’ ہ ‘‘ مخلوط ہوتی ہے ؛ مثلا : بھ ، پھ ، جھ ، کھ وغیرہ ، ہائیہ صوت ۔

हिया-बलाई

जानवरों में फेफड़े की एक बीमारी

हया-रफ़्ता

विगतलज्ज, बेहया, जिसकी लज्जा चली गयी हो।

मरी-हुई-आवाज़

मृत आवाज़, वह आवाज़ जो भय और आतंक के कारण हल्की हो गई हो अथवा प्रभावहीन आवाज़

हया-साज़

حیا کوش ، شرمیلا.

एक घड़ी की बे-हयाई, सारे दिन का उधार

एक बार की मनाही अर्थात इन्कार बहुत सी हानि से बचाती है

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में ख़िरद-मंद के अर्थदेखिए

ख़िरद-मंद

KHirad-mandخِرَد مَنْد

स्रोत: फ़ारसी

ख़िरद-मंद के हिंदी अर्थ

विशेषण

  • बुद्धिमान, मेधावी, ज्ञानी, समझदार, होशियार, मनीषी, अक़्लमंद

शे'र

English meaning of KHirad-mand

Adjective

  • wise, rational, sagacious, intelligent

خِرَد مَنْد کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu

صفت

  • عقل والا، دانا، عقلمند، دانشمند

Urdu meaning of KHirad-mand

  • Roman
  • Urdu

  • aqal vaala, daana, aqalmand, daanishmand

खोजे गए शब्द से संबंधित

hay

काह

हियाँ

= यहाँ

हाई-काई

جاپانی شاعری کی ایک قدیم صنف (ہائیکو (رک) اسی نظم کا ابتدائی حصہ ہوا کرتی تھی) ۔

हय्या-हय्या

(لفظاً) جلدی کرو ؛ ایک ساتھ زور لگانے کے لیے ساتھیوں کو دعوت دینے کی آواز ؛ (عموماً) مزدور سامان اُٹھاتے وقت زور لگانے کے لیے مل کر بطور نعرہ لگاتے ہیں

भला कर भला होय, सौदा कर नफ़ा' होय

भलाई करने में सदैव लाभ होता है, यदि दुनिया में नहीं तो प्रलोक में

गोश्त खाए गोश्त बढ़े, घी खाए बल होय, साग खाए ओझ बढ़े बूता कहाँ से होय

मांस खाने से मांस बढ़ता है, घी खाने से बल बढ़ता है और साग खाने से पेट बढ़ता है परंतु बल नहीं होता

मास खाए मास बढ़े, घी खाए बल होय, साग खाए ओझ बढ़े बूता कहाँ से होय

मांस खाने से मांस बढ़ता है, घी खाने से बल बढ़ता है और साग खाने से पेट बढ़ता है परंतु बल नहीं होता

नदी किनारे रूखड़ा जब तब होय विनास

नदी किनारे का पेड़ एक दिन बह कर बनारस पहुँचेगा

नदी किनारे रूखड़ा जब तब होय बनारस

नदी किनारे का पेड़ एक दिन बह कर बनारस पहुँचेगा

बिपत बराबर सुख नहीं, जो थोड़े दिन होय

थोड़ी मुसीबत सुख-सम्पदा की क़दर का कारण हो जाती है

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो होय, नेह नगर की रीत है तन मन दोनों खोय

प्रेम में भू-लोक एवं परलोक कहीं का होश नहीं रहता, मनुष्य बे-परवाह हो जाता है

सदा दिवाली संत के जो घर गेहूँ होय

नेक आदमी हमेशा लोगों को खिलाता पिलाता है यदि हर समय ख़र्च के लिए उसके पास कुछ हो

देखा भाला तोपची और चमरा सय्यद होय

निम्न श्रेणी व्यक्ति जो अपने धन पर घमंड करता हो

देखा भाला तोपची और चपरा सय्यद होय

निम्न श्रेणी व्यक्ति जो अपने धन पर घमंड करता हो

कोयला होय न ऊजला, सज्जी साबुन लाय

झूठ कभी सत्य नहीं हो सकता चाहे कितना ही प्रयास किया जाए

चातुर नार नरकूढ़ से ब्याह होय पछताय, जैसे रोगी नीम को आँख मीच पी जाय

बुद्धिमान स्त्री मूर्ख से विवाह कर के पछताती है

चातुर नार नरकुढ़ से ब्याह होय पछताय, जैसे रोगी नीम को आँख मीच पी जाय

बुद्धिमान स्त्री मूर्ख से विवाह कर के पछताती है

साईं सांसा मेट दे और न मेटे कोय, वा को सांसा क्या रहा जा सर साईं होय

ईश्वर के अतिरिक्त कोई सांसा अर्थात परेशानी एवं दुख को दूर नहीं कर सकता परंतु जिसे ईश्वर पुण्य की राह दिखा दे

जो कोसत बैरी मरे और मन चितवे धन होय, जल माँ घी निकसन लागे तो रूखा खाए न कोय

अगर कोसने से शत्रु मर जाए, इच्छा से धन प्राप्त हो और पानी से घी निकले तो कोई रूखी न खाए

यूँ मत जाने बावरे कि पाप न पूछे कोय, साईं के दरबार में इक दिन लेखा होय

मूर्ख ये न समझ कि पाप को कोई नहीं पूछेगा ईश्वर के समक्ष एक दिन हिसाब देना होगा

तुलसी पैसा पास का सब से नीको होय, होते के सब कोय हैं, अन-होते की जोय

गाँठ का पैसा ही काम आता है

जिसको राखे साइयाँ मार न साके कोय, बाल न बेका कर सके सब जग बैरी होय

ख़ुदा की रक्षा सर्वोपर है

hoy

एक छोटी नाव

ऊँचो ऊँचो सब चलें नीचो चले न कोय, तुलसी नीचो वो चले जो गर्ब से ऊँचो होय

जिस में घमंड का अंश नहीं उसके अतिरिक्त कोई शांतिपूर्ण तरीक़े से नहीं रह सकता

प्रीत डगर जब पग रखा होनी होय सो हो, नेह नगर की रीत है तन मन दीनो खो

प्रेम में भू-लोक एवं परलोक कहीं का होश नहीं रहता, मनुष्य बे-परवाह हो जाता है

त्रिया चरित्र न जाने कोय, ख़सम मार के सती होय

स्त्री के धोखे और मक्कारी को कोई नहीं समझ सकता, पति की हत्या करके ख़ुद भी सती हो जाती है

ऊख से गंडेरी प्यारी गुड़ से प्यारा गाँडा, माँ बहन से जोरू प्यारी जिस से होय गुज़ारा

साधारण सी बात को कहावत के तौर पर बयान किया गया है अर्थात गन्ने से गंडेरी भली लगती है एवं गुड़ की तुलना में गन्ना अधिक अच्छा लगता है, माँ एवं बहन से अधिक पत्नी प्रिय होती है क्यूँकि उस से घर बसता है

साईं अपने चित्त की भूल न कहिये कोय, तब लग मन में राखिये जब लग कारज होय

अपने दिल का भेद भूल कर भी किसी को नहीं बताना चाहिये जब तक काम न हो जाए उसे दिल में रखना चाहिये

प्रीतम प्रीतम सब कहें प्रीतम जाने न कोय, एक बार जो प्रीतम मिलें सदा अनंदी होय

हर एक प्रेम करता है परंतु प्रेम की समझ किसी को नहीं

प्रीतम प्रीतम सब कहें प्रीतम जाने न कोय, एक बार जो प्रीतम मिले सदा आनंद फिर होय

हर एक प्रेम करता है परंतु प्रेम की समझ किसी को नहीं

पीत तो ऐसी कीजिये जूँ हिन्दू की जोय, जीते जी तो संग रहे मरे पे सती होय

प्रेम तो ऐसी होनी चाहिये जैसे हिंदू की पत्नी कि जीते जी साथ रहती है और मरने पर सती होती है

हाएँ

रोकने और टोकने के लिये प्रयोग होने वाला शब्द

हाय पड़ना

अभिशाप लगना, पीड़ा का प्रभाव होना

हय्य

زندہ، جیتا

हया-दोस्त

رک : حیادار.

माँ बेटों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़ा

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

माँ बेटों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़े

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

माँ बेटियों में लड़ाई हुई, लोगों ने जाना बैर पड़ा

अपनों की लड़ाई को लड़ाई नहीं समझना चाहिए, अपनों की लड़ाई या अप्रसन्नता देर तक नहीं रहती

जो भादों में बरखा होए, काल बछोहड़ जा कर रोए

यदि भादों में वर्षा हो तो सूखा अथवा अकाल नहीं पड़ता

हाइया-आवाज़ें

aspirated sounds, like

हाए-हव्वज़

छोटी ‘हे'

'ईद बक़र'ईद, शबरात कटनी, दरिया करे हाय-हाय फगवा बिसनी

मुस्लमानों पर व्यंग है कि ईद, बक़रईद एवं शब-बरात के अवसर रंडियां बुलाते हैं और मुहर्रम में मातम करते हैं

सुब्ह किधर हुई, शाम कहाँ गई

किसी बात का होश नहीं

हाएँ हाएँ कहना

रोकना, मना करना

हाएँ हाएँ करना

रोकने और बाज़ रखने के लिए शोर मचाना, डाँट-डपट करना; मना करना

हय्य-उल-क़ाइम वरसा

बचे हुए वारिस या उत्तराधिकारी

हाए-हाए पड़ना

दुख दर्द से बेताब होकर चीखने चिल्लाने लगना, तड़प उठना, तिलमिला जाना, अधिक अफसोस होना, अत्यघिक दुखी होना, दुख को याद करके पीड़ा से बेचैन होना

बुढ़िया दीवानी हुई, पराए बर्तन उठाने लगी

मूर्ख भी अपना ही लाभ चाहता है

hay fever

{उमरा ज़य्यात } तप काही

हय्या-'अलल-फ़लाह

आओ सफलता की ओर (अज़ान का वाक्य)

देखे भाले शैख़ जी और चपड़े सय्यद होएँ

समय अनुकूल हो तो तुच्छ श्रेष्ठ बन जाता है, ग़ल्ला चूँ अर्ज़ां शवद इमसाल सय्यद मी शवम

बाँह-हाए-'अय्यारी

(उन्नीसवीं शताब्दी के अंत और बीसवीं शताब्दी के आरंभ की दास्तानों में) वेश-भूषा बदलने की सामग्री

हय्य-उल-क़ाइम

healthy and hearty

जो भादों में बरखा होए, काल पंछोकर जा कर रोए

यदि भादों में वर्षा हो तो सूखा अथवा अकाल नहीं पड़ता

हाइय्या-आवाज़

آواز جس میں ’’ ہ ‘‘ مخلوط ہوتی ہے ؛ مثلا : بھ ، پھ ، جھ ، کھ وغیرہ ، ہائیہ صوت ۔

हिया-बलाई

जानवरों में फेफड़े की एक बीमारी

हया-रफ़्ता

विगतलज्ज, बेहया, जिसकी लज्जा चली गयी हो।

मरी-हुई-आवाज़

मृत आवाज़, वह आवाज़ जो भय और आतंक के कारण हल्की हो गई हो अथवा प्रभावहीन आवाज़

हया-साज़

حیا کوش ، شرمیلا.

एक घड़ी की बे-हयाई, सारे दिन का उधार

एक बार की मनाही अर्थात इन्कार बहुत सी हानि से बचाती है

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

सुझाव दीजिए (ख़िरद-मंद)

नाम

ई-मेल

प्रतिक्रिया

ख़िरद-मंद

चित्र अपलोड कीजिएअधिक जानिए

नाम

ई-मेल

प्रदर्शित नाम

चित्र संलग्न कीजिए

चित्र चुनिए
(format .png, .jpg, .jpeg & max size 4MB and upto 4 images)

सूचनाएँ और जानकारी प्राप्त करने के लिए सदस्यता लें

सदस्य बनिए
बोलिए

Delete 44 saved words?

क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा

Want to show word meaning

Do you really want to Show these meaning? This process cannot be undone