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लोहार की कोंची, कभी आग में कभी पानी में

सब से एक जैसा बरताओ , कभी तकलीफ़ होती है कभी राहत

कभी-कभी

रह-रह कर, किसी समय, किसी अवसर पर, कुछ समयांतराल पर, कभी कभार, वक़तन फ़वक़तन, बहुत कम, कभी कभी ख़त भेज दिया करो, वो यहां कभी कभी आजाते हैं

कभी-कभीं

कभी रंज, कभी गंज

कभी कष्ट है कभी सुख और चैन है, परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं, जब जैसा समय आ जाए, भोगना ही पड़ता है

कभी ज़मीन पर, कभी आसमान पर

बहुत ज़्यादा ग़ुस्से में क़ाबू से बाहर होने की जगह कहते हैं

कभी-कभार

किसी औसर पर, यदा-कदा, कभी-कभी, एकाध-बार, भूले-भटके, किसी रोज़

मिज़ाज कभी तोला कभी माशा

कभी-कधार

मिज़ाज कभी तोला कभी माशा होना

तबीयत हरवक़त बदलती रहना , मुतलव्विन मिज़ाज होना, घड़ी में ख़ुश घड़ी में नाराज़ होना

नौकरी पेशा का घर क्या , कभी यहाँ कभी वहाँ

नौकरी पेशा का तबादला अक्सर एक जगह से दूसरी जगह होता रहता है इस लिए वो कहीं घर नहीं बना सकता, इस का घर आरिज़ी होता है

गाल में आग एक में पानी

रुक: एक गाल हंसना एक गाल रोना

बिगड़ा बेटा , खोटा पैसा कभी न कभी काम आ ही जाता है

अपनी चीज़ कैसी ही ख़राब हूक़सी ना किसी वक़्त ज़रूरत में का दे जाती है

ज़ुल्म की टहनी कभी फलती नहीं

अत्याचार का परिणाम अच्छा नहीं होता

कमीन कभी कोंडे के इधर कभी उधर

कम हिम्मत कमीना खाने के गर्द रहता है

अब या कभी नहीं

लिखा कभी नहीं मिटता

तक़दीर का लिखा पूरा होकर रहता है

पानी में आग लगाना

पानी में आग लगाना

ऐसा काम (जो हर एक सेना होसके) करना

आग पानी में लगाना

कमाल चालाकी या हुनर दिखाना

आग में पानी डालना

झगड़ा मिटाना, लड़ाई को दबाना, ग़ुस्से को धीमा करना

कभी न गाँडो रन चढ़े, कभी न बाजे हम

रुक : कभी ना कॉइर रन चढ़े अलख

मुसीबत कभी तनहा नहीं आती

कहते हैं कि इंसान पर जब कोई बुरा वक़्त आए तो परेशानियाँ और बढ़ जाती हैं

आँख सी भी कभी देखी है

ख़ैर! तुम इस चीज़ का महत्व क्या जानो! तुम्हें कभी उप्लब्ध भी हुई है?

कभी के दिन बड़े कभी की रातें

संसार एक हाल पर स्थिर नहीं, कभी उन्नति है कभी अवनति, समय के उलट-फेर को प्रकट करने के लिए कहते हैं, जमाना और हालात बदलते रहते हैं

जलती आग में पानी डालना

जलती आग में पानी डालना

रुक : जलती बुझा ना

कुत्ते की पूँछ कभी सीधी नहीं होती

तैनत को सोहबत का कुछ असर नहीं होता, तबीयत की कजी या शरारत कभी नहीं जाती , लाख कोशिश के बावजूद जब कोई तबदीली ना हो तो कहते हैं

साँप का सर भी कभी काम आता है

कोई चीज़ ज़ाए नहीं करनी चाहिए . कभी ना कभी काम आजाती है, दाश्ता आबिद बिकार, गरचा बूद सर मार

क़ज़ा भी कभी टलती है

जिस को ख़ुदा बचाए उस पर कभी न आफ़त आए

रुक : जिस को ख़ुदा रखे उस को कौन चखे

चलती फिरती छाँव है कभी इधर कभी उधर

दुनियावी जाह-ओ-हशमत का किया है कभी किसी को हासिल होती है कभी किसी को

आग पानी का संजोग

सौ सुनार की एक लोहार की

आग लगे पर पानी कहाँ

ग़ुस्से के समय दया और प्रेम एवं ग़रज़ या इच्छा के वक़्त शर्म और ग़ैरत नहीं रहती

सय्यद का जना, कभी बिगड़ा कभी बना

सय्यद को मतोन उल-मिज़ाज तसो्वर कर के कहते हैं तंग मिज़ाज

किसी की आग में जलना

दूसरे शख़्स की मुसीबत अपने सर लेना और किसी मुसीबत में शरीक होना, हमदर्दी करना, दूसरे की मुसीबत में साथ देना

किसी की आग में गिरना

दूसरे शख़्स की मुसीबत अपने सर लेना और किसी मुसीबत में शरीक होना, हमदर्दी करना, दूसरे की मुसीबत में साथ देना

किसी की आग में गिरना

कभी न काइर रन चढ़े और कभी न बाजे हम

नामर्द किसी जोगा नहीं होता, पस्तहिम्मत से काम नहीं होता, बुज़दिल से कुछ नहीं होसकता

कभी घूरे के दिन भी फिरते हैं

ज़माना बदलता रहता है, कभी ग़रीबों और कमज़ोरों का ज़माना भी बदल जाता है, उन के भी अच्छे दिन आ जाते हैं, ग़रीब और कमज़ोर हमेशा ग़रीब कमज़ोर नहीं रहते, बारह बरस में घूरे के भी दिन फिर जाते हैं

सख़ी का ख़ज़ाना कभी ख़ाली नहीं होता

लोहार-ख़ाना

लोहे का कारख़ाना या कार्यशाला, वह जगह जहाँ बहुत से लोहार काम करते हैं

खट खट सुनार की एक चोट लोहार की

कमज़ोर की बहुत सी तद्बीरों पर ज़ोरावर की एक तदबीर ग़ालिब आ जाती है , कब : सौ सुनार की एक लोहार की

ग़ैर की आग में जलना

दूसरे की आफ़त में पड़ना, दूसरे शख़्स की मुहब्बत में सख़्ता होना

धनिये की खोपरी में पानी पिलाना

परेशान करना, मुश्किल में डालना, सुस्का सुस्का कर मारना

लोहार-ख़ाने में सूइयाँ बेचना

उलटा काम करना, मूर्खतापूर्ण कार्य करना, अनादर करना

कभी दिन बड़ा कभी शब तवील

रुक : कभी के दिन बड़े कभी की रातें

चाए-पानी की ख़बर लेना

स्वागत करना, मेज़बानी करना, आवभगत करना

आग में आग लगाना

ग़ुस्से या फ़साद को और बढ़ाना

आग पानी एक जगह होना

दो विरोधाभासी वस्तुओं का मेल मिलाप या एक जगह जमा होना

कुत्ते की दुम कभी सीधी नहीं होती

रुक : कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती

लोहार ख़ाना में सूईयाँ बेचना

आग में जाए

भाड़ में जाये, दफ़ा हो

ख़ुदा का दिया नूर, कभी न होए दूर

(फ़ित्रती हुस्न को ज़ेबाइश की हाजत नहीं) अल्लाह ताला जो बख़्शता है वो हमशीह क़ायम रहता है

आग की बुढ़िया

नर्म और चमकदार कपास जो आग से निकलकर हवा में उड़ जाती है (यह कताई के लिए उपयोगी नहीं है, लोग इसे तकिए में भरते हैं, बच्चे इसे 'बूढ़ी औरत का स्पिनर' भी कहते हैं); एक बहुत बूढ़ी और कमज़ोर महिला

झूटी बात बनावे पानी में आग लगावे

निहायत चालाक और अय्यार की निसबत बोलते हैं कि झूटी बात बना कर धोका देता है

पानी में

आग में फूँकना

आग में फाँदना

किसी पीड़ादायक या साहसिक काम में हाथ डालना

आग में झोंकना

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में लोहार की कोंची, कभी आग में कभी पानी में के अर्थदेखिए

लोहार की कोंची, कभी आग में कभी पानी में

lohaar kii ko.nchii, kabhii aag me.n kabhii paanii me.nلوہارکی کونچی، کَبھی آگ میں کَبھی پانی میں

कहावत

लोहार की कोंची, कभी आग में कभी पानी में के हिंदी अर्थ

 

  • सब से एक जैसा बरताओ , कभी तकलीफ़ होती है कभी राहत
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لوہارکی کونچی، کَبھی آگ میں کَبھی پانی میں کے اردو معانی

 

  • سب سے ایک جیسا برتاؤ ؛ کبھی تکلیف ہوتی ہے کبھی راحت

सूचनार्थ: औपचारिक आरंभ से पूर्व यह रेख़्ता डिक्शनरी का बीटा वर्ज़न है। इस पर अंतिम रूप से काम जारी है। इसमें किसी भी विसंगति के संदर्भ में हमें dictionary@rekhta.org पर सूचित करें। या सुझाव दीजिए

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