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'अरीज़ा

प्रार्थनापत्र, दरख़्वास्त, पत्र, चिट्ठी

'अरीज़ा देना

عریضہ دریا میں ڈالنا

'अरीज़ा-निगार

पत्र लिखनेवाला, पत्र-लेखक, ख़त लिखने वाला, अर्ज़ी लिखने वाला, दरख़्वास्त-गुज़ार

'अरीज़ा-गुज़ार

प्रार्थना करने वाला, प्रार्थना पत्र देने वाला, प्रार्थी, पत्र भेजनेवाला

'अरीज़ा-ए-नियाज़

ऐसा ख़त जिसमें अक़ीदत और आस्था का इज़हार हो, बुज़ुर्गों या अफ़सरों को लिखा ख़त

'अरीज़ा-ए-मसतूर

गुप्त पत्र, खु़फ़िया ख़त

'अरीज़ा-ए-तहनियत

a congratulatory letter

हामिल-ए-'अरीज़ा

चिट्ठी अपने पास रखनेवाला, जो किसी के पास अपने काम के लिए या किसी के लिए चिट्ठी ले जाय ।।

दरिया में 'अरीज़ा देना

(عو) حضرت فاطمہ ، خواجہ خضر ، پریوں یا امامِ مہدی کے نام کی عرضی لکھ کر اس میں اللہ سے کوئی مُراد مانگنے کے لیے دریا میں بہا دینا.

दरिया में 'अरीज़ा डालना

(عو) حضرت فاطمہ ، خواجہ خضر ، پریوں یا امامِ مہدی کے نام کی عرضی لکھ کر اس میں اللہ سے کوئی مُراد مانگنے کے لیے دریا میں بہا دینا.

'आरज़ी

अस्थायी, क्षणिक, अस्थिर, थोड़ी देर का

raze

ढाना

रज़ा

ख़ुशी, किसी काम या बात की ओर होने वाली प्रवृत्ति या रुचि

रज़ी

पसंदीदा, मन पसंद, ख़ुश करने वाला

रज़ाई

रंगीन अब्रे और अस्तर के बीच में रूई भरा और गोट लगा ओढ़ने का एक कपड़ा, रूई भरी दुलाई, लिहाफ़, लिबादा, सोड़, गुदड़ी

'अर्ज़ा

बलि देना अथवा भेंट देना

रज़ी'

दूध पीता (बच्चा)

'अर्ज़ी

लिखित प्रार्थनापत्र, प्रार्थनापत्र, आवेदन या निवेदन-पत्र जो लिखित रूप में दिया जाए

रेज़ा

कण, दाना, ज़र्रा, संख्या

रेज़ा

टुकड़ा, पारचा, पुर्ज़ा

रोज़ा तुड़वाना

किसी का उपवास रद्द करना

रोज़े छुड़ाने गए नमाज़ गले पड़ी

जब एक आफ़त से बचने की तदबीर या फ़िक्र में एक दूसरी आफ़त सर पड़ जाये तो बोलते हैं

गए नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़े

۔مثل۔ ایک آفت سے بچنے کی تدبیر کی دوسری آفت اُس سے زیادہ سر پڑی۔ اُلٹے لینے کے دینے پڑگئے۔

रोज़े बख़्शवाने गए नमाज़ गले पड़ी

जब एक आफ़त से बचने की तदबीर या फ़िक्र में एक दूसरी आफ़त सर पड़ जाये तो बोलते हैं

नमाज़ बख़्शवाने गए, रोज़े गले पड़े

एक काम से पीछा छुड़ाने की कोशिश की, दूसरा इस से मुश्किल ज़िम्मे आ पड़े तो कहते हैं

नमाज़ बख़्शवाने आए, रोज़े गले पड़े

एक काम से पीछा छुड़ाने की कोशिश की, दूसरा इस से मुश्किल ज़िम्मे आ पड़े तो कहते हैं

मुँह धोवे, रोज़े खोवे

रिंदों, बे नमाज़ों का मक़ूला है

गए थे रोज़े छुड़ाने नमाज़ गले पड़ी

रुक : गए थे नमाज़ बख़॒श॒वाने रोज़े गले पड़ गए, एक काम से जान छुड़ाते छुड़ाते एक और काम मिल जाये तो कहते हैं

रोज़ा छुड़ाने गए थे नमाज़ गले पड़ी

जब एक संकट से बचने के प्रयास में दूसरी संकट खड़ी हो जाती है तो उस समय कहते हैं

क़ाज़ी ब दो गवाह राज़ी

शरी'अत के हिसाब से दो गवाहों से मुक़द्दमे का फ़ैसला हो जाता है

नमाज़ें बख़्शवाते उल्टे रोज़े गले पड़ी

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे अलख

'अर्ज़ी दाग़ देना

दरख़ास्त और आवेदन पेश कर देना, लिखित आवेदन करना, मुलाज़मत और नौकरी का उम्मीदवार होना

रोज़ा रोज़ रोज़ , बंदा चंद रोज़

रोज़ा तो हमेशा रहेगा लेकिन बंदा चंद रोज़ का मेहमान है बाअज़ लोग जब रोज़ा रखना नहीं चाहते तो कहते हैं

गए थे नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़े

while trying to avoid a difficult task one is burdened with yet another one

मिल गई तो रोज़ी वर्ना रोज़ा

अगर मज़दूरी या काम से पारिश्रमिक मिल गया तो गुज़ारा हो जाएगा वर्ना भूखा रहना पड़ेगा

नमाज़ को गए रोज़ा गले पड़ा

एक चिंता, एक काम तो पहले ही सामने था अब दूसरा भी सामने आ गया

रोज़े को गए नमाज़ गले पड़ी

रुक : रोज़े छुराने गए नमाज़ गले पड़ी

नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़ गए

एक काम से पीछा छुड़ाना चाहा दूसरे का भार सर पर आ गया

नमाज़ बख्शवाने गए थे , रोज़े गले पड़ गए

bid to seek redress brought further burden

तन्हा पेश क़ाज़ी रवी राज़ी शवी

تنہائی میں قاضی کے سامنے جو چاہو سو بیان دیدو اور جس طرح چاہو اسے مطمئن کردو ، ایسے موقع پر بولتے ہیں جب معاملہ یک طرفہ پیش ہو اور فریق ثانی کو جواب دبی یا صفائی کا موقع نہ ہو

गए थे नमाज़ बख़्शवाने उल्टे रोज़े गले पड़े

एक मुश्किल से बचना चाहा, दूसरी मुश्किल इस से ज़्यादा आ पड़ी, एक काम से उज़्र किया दूसरा काम और सपुर्द हुआ, उलट लेने के देने पड़ गए

शश-'ईद के रोज़े

छः रोज़े जो ईद के बाद से लगातार तीन दिन तक रखे जाते हैं, कहते हैं इन छः रोज़ों का पुण्य साल भर के रोज़ों के बराबर होता है

रोज़ी पकड़ना

आजीविक प्राप्त करना, रोज़गार पाना

ग़रीबों ने रोज़े रखे, दिन बड़े हो गए

कमज़ोर और ग़रीब जो काम करता है उस में नुक़्सान ही होता है या मुसीबत में और मुसीबत घेर लेती है

नमाज़ मु'आफ़ कराने गए , उल्टे रोज़े गले पड़े

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़े

मैं राज़ी , मेरा ख़ुदा राज़ी

۔ میں خوش میرا خدا خوش۔ ؎

रोज़ा चढ़ता

(लखनऊ) रुक : रोज़ा उछलना

रोज़ा ताेड़ना

कुछ ऐसा करना जो उपवास को अमान्य करता है, उपवास को अमान्य करता है, ऐसा काम करना जिस से रोज़ा टूट जाए, रोज़ा फ़ासिद करना

बंदा आई रोज़ी गया बंदा गई रोज़ी

آدمیوں کی کمی بیشی کے ساتھ رزق کی بھی کمی بیشی ہوتی رہتی

दिन में सोवे, रोज़ी खोवे

जो दिन को काम न करे उस का जीवन कठिनता में रहता है

मुलाक़ात-ए-चंद रोज़ा

दो चार रोज़ की मुलाक़ात, अस्थिर दोस्ती, अस्थायी या गै़र-स्थायी मेल मिलाप

पेश क़ाज़ी रवी राज़ी आई

کسی ایک مثال سے ثبوت فراہم پہنْچانے کے موقع پر بولتے ہیں .

ग़रीब ने रोज़े रखे दिन बड़े हो गए

असमर्थ व्यक्ति जो काम करता है उसमें हानि ही होती है या मुसीबत में और मुसीबत घेरती है

गए थे नमाज़ मु'आफ़ कराने उल्टे रोज़े गले पड़े

एक मुश्किल से बचना चाहा, दूसरी मुश्किल इस से ज़्यादा आ पड़ी, एक काम से उज़्र किया दूसरा काम और सपुर्द हुआ, उलट लेने के देने पड़ गए

कड़े-रोज़े

सख़्त रोज़े, वह रोज़े जिन में दिन बड़ा हो और मौसम गर्म हो

मैं राज़ी और मेरा ख़ुदा राज़ी

रुक : में ख़ुश मेरा ख़ुदा ख़ुश, किसी बात पर मुकम्मल रज़ा ज़ाहिर करने के लिए कहते हैं

दिमाग़ी-'आरिज़ा

رک : دماغی بیماری، دماغ کی خرابی.

नमाज़ को चले उल्टा रोज़े गले पड़े

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़े

रोज़ी नहीं तो रोज़ा

रोज़गार की तदबीर ना निकली तो फ़ाक़ा, मुआमला आर या पार होने या किसी हतमी नतीजा के लिए ती्यार होने के मौक़ा पर मुस्तामल

हम राज़ी हमारा ख़ुदा राज़ी

रुक : हम ख़ुश हमारा ख़ुदा ख़ुश

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में घर में भोनी भाँग नहीं और उल्फ़त सब्ज़ रंगों से के अर्थदेखिए

घर में भोनी भाँग नहीं और उल्फ़त सब्ज़ रंगों से

ghar me.n bhonii bhaa.ng nahii.n aur ulfat sabz ra.ngo.n seگَھر میں بھونی بھانْگ نَہِیں اَور اُلْفت سَبز رَنْگوں سے

अथवा : घर में भोनी भाँग नहीं और बाहर न्योते सात, घर में भूनी भाँग नहीं, घर में भूनी भाँग नहीं और उल्फ़त सब्ज़ा रंगों से, घर में भूनी भाँग नहीं, घर में भोनी भाँग नहीं और न्यौते साठ, घर में भोनी भाँग नहीं और बाहर न्योते सात

कहावत

घर में भोनी भाँग नहीं और उल्फ़त सब्ज़ रंगों से के हिंदी अर्थ

  • कोई निर्धनता की हालात में बड़ी बड़ी आशाएँ या ग़रीबी में अमीरों की रेस करे तो उस के प्रति कहते हैं
  • घर में कुछ भी नहीं, बिलकुल कंगाली है
  • शक्ति से बाहर काम करना
  • उस व्यक्ति के बारे में कहते हैं जो बा-वजूद निर्धनता के अपनी हैसियत से अधिक हौसला करे

گَھر میں بھونی بھانْگ نَہِیں اَور اُلْفت سَبز رَنْگوں سے کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu
  • کوئی افلاس کی حالات میں بڑی بڑی آرزوئیں یا ناداری میں امیروں کی ریس کرے تو اس کے متعلق کہتے ہیں
  • گھر میں کچھ بھی نہیں، بالکل مفلس قلاش ہے
  • طاقت سے باہر کام کرنا
  • اس شخص کے متعلق کہتے ہیں جو باوجود افلاس کے اپنی حیثیت سے زیادہ حوصلہ کرے

Urdu meaning of ghar me.n bhonii bhaa.ng nahii.n aur ulfat sabz ra.ngo.n se

  • Roman
  • Urdu

  • ko.ii iflaas kii haalaat me.n ba.Dii ba.Dii aarzuu.ai.n ya naadaarii me.n amiiro.n kii res kare to is ke mutaalliq kahte hai.n
  • ghar me.n kuchh bhii nahiin, bilkul muflis qallaash hai
  • taaqat se baahar kaam karnaa
  • is shaKhs ke mutaalliq kahte hai.n jo baavjuud iflaas ke apnii haisiyat se zyaadaa hauslaa kare

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'अरीज़ा

प्रार्थनापत्र, दरख़्वास्त, पत्र, चिट्ठी

'अरीज़ा देना

عریضہ دریا میں ڈالنا

'अरीज़ा-निगार

पत्र लिखनेवाला, पत्र-लेखक, ख़त लिखने वाला, अर्ज़ी लिखने वाला, दरख़्वास्त-गुज़ार

'अरीज़ा-गुज़ार

प्रार्थना करने वाला, प्रार्थना पत्र देने वाला, प्रार्थी, पत्र भेजनेवाला

'अरीज़ा-ए-नियाज़

ऐसा ख़त जिसमें अक़ीदत और आस्था का इज़हार हो, बुज़ुर्गों या अफ़सरों को लिखा ख़त

'अरीज़ा-ए-मसतूर

गुप्त पत्र, खु़फ़िया ख़त

'अरीज़ा-ए-तहनियत

a congratulatory letter

हामिल-ए-'अरीज़ा

चिट्ठी अपने पास रखनेवाला, जो किसी के पास अपने काम के लिए या किसी के लिए चिट्ठी ले जाय ।।

दरिया में 'अरीज़ा देना

(عو) حضرت فاطمہ ، خواجہ خضر ، پریوں یا امامِ مہدی کے نام کی عرضی لکھ کر اس میں اللہ سے کوئی مُراد مانگنے کے لیے دریا میں بہا دینا.

दरिया में 'अरीज़ा डालना

(عو) حضرت فاطمہ ، خواجہ خضر ، پریوں یا امامِ مہدی کے نام کی عرضی لکھ کر اس میں اللہ سے کوئی مُراد مانگنے کے لیے دریا میں بہا دینا.

'आरज़ी

अस्थायी, क्षणिक, अस्थिर, थोड़ी देर का

raze

ढाना

रज़ा

ख़ुशी, किसी काम या बात की ओर होने वाली प्रवृत्ति या रुचि

रज़ी

पसंदीदा, मन पसंद, ख़ुश करने वाला

रज़ाई

रंगीन अब्रे और अस्तर के बीच में रूई भरा और गोट लगा ओढ़ने का एक कपड़ा, रूई भरी दुलाई, लिहाफ़, लिबादा, सोड़, गुदड़ी

'अर्ज़ा

बलि देना अथवा भेंट देना

रज़ी'

दूध पीता (बच्चा)

'अर्ज़ी

लिखित प्रार्थनापत्र, प्रार्थनापत्र, आवेदन या निवेदन-पत्र जो लिखित रूप में दिया जाए

रेज़ा

कण, दाना, ज़र्रा, संख्या

रेज़ा

टुकड़ा, पारचा, पुर्ज़ा

रोज़ा तुड़वाना

किसी का उपवास रद्द करना

रोज़े छुड़ाने गए नमाज़ गले पड़ी

जब एक आफ़त से बचने की तदबीर या फ़िक्र में एक दूसरी आफ़त सर पड़ जाये तो बोलते हैं

गए नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़े

۔مثل۔ ایک آفت سے بچنے کی تدبیر کی دوسری آفت اُس سے زیادہ سر پڑی۔ اُلٹے لینے کے دینے پڑگئے۔

रोज़े बख़्शवाने गए नमाज़ गले पड़ी

जब एक आफ़त से बचने की तदबीर या फ़िक्र में एक दूसरी आफ़त सर पड़ जाये तो बोलते हैं

नमाज़ बख़्शवाने गए, रोज़े गले पड़े

एक काम से पीछा छुड़ाने की कोशिश की, दूसरा इस से मुश्किल ज़िम्मे आ पड़े तो कहते हैं

नमाज़ बख़्शवाने आए, रोज़े गले पड़े

एक काम से पीछा छुड़ाने की कोशिश की, दूसरा इस से मुश्किल ज़िम्मे आ पड़े तो कहते हैं

मुँह धोवे, रोज़े खोवे

रिंदों, बे नमाज़ों का मक़ूला है

गए थे रोज़े छुड़ाने नमाज़ गले पड़ी

रुक : गए थे नमाज़ बख़॒श॒वाने रोज़े गले पड़ गए, एक काम से जान छुड़ाते छुड़ाते एक और काम मिल जाये तो कहते हैं

रोज़ा छुड़ाने गए थे नमाज़ गले पड़ी

जब एक संकट से बचने के प्रयास में दूसरी संकट खड़ी हो जाती है तो उस समय कहते हैं

क़ाज़ी ब दो गवाह राज़ी

शरी'अत के हिसाब से दो गवाहों से मुक़द्दमे का फ़ैसला हो जाता है

नमाज़ें बख़्शवाते उल्टे रोज़े गले पड़ी

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे अलख

'अर्ज़ी दाग़ देना

दरख़ास्त और आवेदन पेश कर देना, लिखित आवेदन करना, मुलाज़मत और नौकरी का उम्मीदवार होना

रोज़ा रोज़ रोज़ , बंदा चंद रोज़

रोज़ा तो हमेशा रहेगा लेकिन बंदा चंद रोज़ का मेहमान है बाअज़ लोग जब रोज़ा रखना नहीं चाहते तो कहते हैं

गए थे नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़े

while trying to avoid a difficult task one is burdened with yet another one

मिल गई तो रोज़ी वर्ना रोज़ा

अगर मज़दूरी या काम से पारिश्रमिक मिल गया तो गुज़ारा हो जाएगा वर्ना भूखा रहना पड़ेगा

नमाज़ को गए रोज़ा गले पड़ा

एक चिंता, एक काम तो पहले ही सामने था अब दूसरा भी सामने आ गया

रोज़े को गए नमाज़ गले पड़ी

रुक : रोज़े छुराने गए नमाज़ गले पड़ी

नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़ गए

एक काम से पीछा छुड़ाना चाहा दूसरे का भार सर पर आ गया

नमाज़ बख्शवाने गए थे , रोज़े गले पड़ गए

bid to seek redress brought further burden

तन्हा पेश क़ाज़ी रवी राज़ी शवी

تنہائی میں قاضی کے سامنے جو چاہو سو بیان دیدو اور جس طرح چاہو اسے مطمئن کردو ، ایسے موقع پر بولتے ہیں جب معاملہ یک طرفہ پیش ہو اور فریق ثانی کو جواب دبی یا صفائی کا موقع نہ ہو

गए थे नमाज़ बख़्शवाने उल्टे रोज़े गले पड़े

एक मुश्किल से बचना चाहा, दूसरी मुश्किल इस से ज़्यादा आ पड़ी, एक काम से उज़्र किया दूसरा काम और सपुर्द हुआ, उलट लेने के देने पड़ गए

शश-'ईद के रोज़े

छः रोज़े जो ईद के बाद से लगातार तीन दिन तक रखे जाते हैं, कहते हैं इन छः रोज़ों का पुण्य साल भर के रोज़ों के बराबर होता है

रोज़ी पकड़ना

आजीविक प्राप्त करना, रोज़गार पाना

ग़रीबों ने रोज़े रखे, दिन बड़े हो गए

कमज़ोर और ग़रीब जो काम करता है उस में नुक़्सान ही होता है या मुसीबत में और मुसीबत घेर लेती है

नमाज़ मु'आफ़ कराने गए , उल्टे रोज़े गले पड़े

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़े

मैं राज़ी , मेरा ख़ुदा राज़ी

۔ میں خوش میرا خدا خوش۔ ؎

रोज़ा चढ़ता

(लखनऊ) रुक : रोज़ा उछलना

रोज़ा ताेड़ना

कुछ ऐसा करना जो उपवास को अमान्य करता है, उपवास को अमान्य करता है, ऐसा काम करना जिस से रोज़ा टूट जाए, रोज़ा फ़ासिद करना

बंदा आई रोज़ी गया बंदा गई रोज़ी

آدمیوں کی کمی بیشی کے ساتھ رزق کی بھی کمی بیشی ہوتی رہتی

दिन में सोवे, रोज़ी खोवे

जो दिन को काम न करे उस का जीवन कठिनता में रहता है

मुलाक़ात-ए-चंद रोज़ा

दो चार रोज़ की मुलाक़ात, अस्थिर दोस्ती, अस्थायी या गै़र-स्थायी मेल मिलाप

पेश क़ाज़ी रवी राज़ी आई

کسی ایک مثال سے ثبوت فراہم پہنْچانے کے موقع پر بولتے ہیں .

ग़रीब ने रोज़े रखे दिन बड़े हो गए

असमर्थ व्यक्ति जो काम करता है उसमें हानि ही होती है या मुसीबत में और मुसीबत घेरती है

गए थे नमाज़ मु'आफ़ कराने उल्टे रोज़े गले पड़े

एक मुश्किल से बचना चाहा, दूसरी मुश्किल इस से ज़्यादा आ पड़ी, एक काम से उज़्र किया दूसरा काम और सपुर्द हुआ, उलट लेने के देने पड़ गए

कड़े-रोज़े

सख़्त रोज़े, वह रोज़े जिन में दिन बड़ा हो और मौसम गर्म हो

मैं राज़ी और मेरा ख़ुदा राज़ी

रुक : में ख़ुश मेरा ख़ुदा ख़ुश, किसी बात पर मुकम्मल रज़ा ज़ाहिर करने के लिए कहते हैं

दिमाग़ी-'आरिज़ा

رک : دماغی بیماری، دماغ کی خرابی.

नमाज़ को चले उल्टा रोज़े गले पड़े

रुक : नमाज़ छुड़ाने गए थे रोज़े गले पड़े

रोज़ी नहीं तो रोज़ा

रोज़गार की तदबीर ना निकली तो फ़ाक़ा, मुआमला आर या पार होने या किसी हतमी नतीजा के लिए ती्यार होने के मौक़ा पर मुस्तामल

हम राज़ी हमारा ख़ुदा राज़ी

रुक : हम ख़ुश हमारा ख़ुदा ख़ुश

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

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